Friday, 15 May 2015
Graphics Owls-7
पाहुन रूप तुझे गोजिरे गं सजणी,
मन हे भाळले न् क्षणात गमावले।
बहू कातील तुझे चालने गं गामिणी,
मन हे बावरे न् क्षणात घायाळले॥
-किशोर तळोकार
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